एक पाती मोदी के नाम: गरीबी पर सर्जिकल स्ट्राइक के लिए
प्रिय नरेन्द्र मोदीजी,
आप तो हिला दिए! बैंकों के बाहर की कतारें और उनमें परेशान होते मेरे सरीखे हतभागी लोगों को तो वाकई आपने हिला दिया! कसम से किसी भी जगह मुझे एक भी काले धन वाला नजर नहीं आया, बाकी अडानी-अम्बानी तो मेरे पहुँच से बाहिर हैं, आपकी बात आप ही जानें!
लोग कहते हैं कि आपने काला-धन पर सर्जिकल स्ट्राइक किया है मोदीजी, पर कसम आपके गुजरात वाले द्वारकाधीश की, आपका यह निर्णय तो गरीबों को पीछे से पीला कर रहा है!
मैंने अपने छात्र जीवन में एक कविता पढ़ी थी, जिसकी पंक्तियाँ थीं: "सत्ता किरीट मणिमय आसन, करते मानव का तेज हरण! नर विभव हेतु ललचाता है, पर वही मनुज को खाता है!" इसमें विभव की जगह अगर वोट-बैंक रख दें तो एकदम्मे फिट बैठेगा आप पर!
वैसे हम आपके थोड़े-थोड़े फैन रहे हैं, पर अंधेवाले नहीं - काहे कि आप हमरा आ हमारे बच्चे का पेट नहीं भरते हैं! लेकिन ई जो आप सेम-साइड गोल किये हैं न ऊ एकदम्मे नास दिए हैं! अरे भाई, अपने चायवाले का तो सोचा होता जे अपनी बेटी के बियाह आ बच्चों को पढ़ाने के लिए पांच रुपये का सिक्का जमा करके 500 आ 1000 का नोट बनवाए थे! उनको आपने दिया क्या वो तो मैं नहीं जानता, पर पूरा ले मारे हैं - ई सामने है!
कुछ लोगों का मानना है कि ये शुध्दिकरण या धौली टाइप की प्रक्रिया है, जिसमें हमारे सरीखे लोगों को शुरू में कुछ कष्ट अवश्य होगा पर बाद में राष्ट्र का भला होगा! मोदीजी, ई पांच साल आप केवल एक्सपेरिमेंट ही करेंगे या कुछ सरजमीं पर दीखेगा भी? चुनाव के समय सबने पप्पू से डरकर आपको चुना| पर, आप हैं कि घिरे हैं महापुरुषों से – राजनाथ जैसे प्रतापी, जेटली जैसे ईमानदार और स्मृति जैसी साध्वी से!
मोदीजी, आप बाबा विश्वनाथ की काशी से चुनाव जीत के आए हैं, ये याद रखियेगा! ये वही काशी है, जहाँ बाबा विश्वनाथ और काशी नरेश को छोड़कर सब ‘भोंसड़ी के’ हैं – दशाश्वमेध पर! आप अभी तक बचे हैं – माता अन्नपूर्णा की कृपा से इस विभूषण को पाने से, पर इस बार होली में सब क्योटोवाले आपको गालियों का गंगास्नान करा ही डालेंगे!
चलिए चुनाव २०१९ में है - तब तक हम अपना नमरी गिनते-गिनते भूल जायेंगे, पर उससे पहले अगर ऐसा मिस्टेक किये न त आपकी द्वारिका डूबनी तय है -- गर-गर मोदी के साथ!
मैं जानता हूँ कि मेरा ये पोस्ट देखकर sinister (लेफ्टी के लिए अंग्रेजी का एक प्रचलित शब्द) बहुत खुश होंगे यह कहकर कि एगो भक्त उनकी साइड आ गया, पर आपको मालूम है कि हम इनको लौड़े पर लेकर चलते हैं!
ईश्वर आपको जेटली की केटली से बचाए!
शुभाकांक्षी
संजीव
प्रिय नरेन्द्र मोदीजी,
आप तो हिला दिए! बैंकों के बाहर की कतारें और उनमें परेशान होते मेरे सरीखे हतभागी लोगों को तो वाकई आपने हिला दिया! कसम से किसी भी जगह मुझे एक भी काले धन वाला नजर नहीं आया, बाकी अडानी-अम्बानी तो मेरे पहुँच से बाहिर हैं, आपकी बात आप ही जानें!
लोग कहते हैं कि आपने काला-धन पर सर्जिकल स्ट्राइक किया है मोदीजी, पर कसम आपके गुजरात वाले द्वारकाधीश की, आपका यह निर्णय तो गरीबों को पीछे से पीला कर रहा है!
मैंने अपने छात्र जीवन में एक कविता पढ़ी थी, जिसकी पंक्तियाँ थीं: "सत्ता किरीट मणिमय आसन, करते मानव का तेज हरण! नर विभव हेतु ललचाता है, पर वही मनुज को खाता है!" इसमें विभव की जगह अगर वोट-बैंक रख दें तो एकदम्मे फिट बैठेगा आप पर!
वैसे हम आपके थोड़े-थोड़े फैन रहे हैं, पर अंधेवाले नहीं - काहे कि आप हमरा आ हमारे बच्चे का पेट नहीं भरते हैं! लेकिन ई जो आप सेम-साइड गोल किये हैं न ऊ एकदम्मे नास दिए हैं! अरे भाई, अपने चायवाले का तो सोचा होता जे अपनी बेटी के बियाह आ बच्चों को पढ़ाने के लिए पांच रुपये का सिक्का जमा करके 500 आ 1000 का नोट बनवाए थे! उनको आपने दिया क्या वो तो मैं नहीं जानता, पर पूरा ले मारे हैं - ई सामने है!
कुछ लोगों का मानना है कि ये शुध्दिकरण या धौली टाइप की प्रक्रिया है, जिसमें हमारे सरीखे लोगों को शुरू में कुछ कष्ट अवश्य होगा पर बाद में राष्ट्र का भला होगा! मोदीजी, ई पांच साल आप केवल एक्सपेरिमेंट ही करेंगे या कुछ सरजमीं पर दीखेगा भी? चुनाव के समय सबने पप्पू से डरकर आपको चुना| पर, आप हैं कि घिरे हैं महापुरुषों से – राजनाथ जैसे प्रतापी, जेटली जैसे ईमानदार और स्मृति जैसी साध्वी से!
मोदीजी, आप बाबा विश्वनाथ की काशी से चुनाव जीत के आए हैं, ये याद रखियेगा! ये वही काशी है, जहाँ बाबा विश्वनाथ और काशी नरेश को छोड़कर सब ‘भोंसड़ी के’ हैं – दशाश्वमेध पर! आप अभी तक बचे हैं – माता अन्नपूर्णा की कृपा से इस विभूषण को पाने से, पर इस बार होली में सब क्योटोवाले आपको गालियों का गंगास्नान करा ही डालेंगे!
चलिए चुनाव २०१९ में है - तब तक हम अपना नमरी गिनते-गिनते भूल जायेंगे, पर उससे पहले अगर ऐसा मिस्टेक किये न त आपकी द्वारिका डूबनी तय है -- गर-गर मोदी के साथ!
मैं जानता हूँ कि मेरा ये पोस्ट देखकर sinister (लेफ्टी के लिए अंग्रेजी का एक प्रचलित शब्द) बहुत खुश होंगे यह कहकर कि एगो भक्त उनकी साइड आ गया, पर आपको मालूम है कि हम इनको लौड़े पर लेकर चलते हैं!
ईश्वर आपको जेटली की केटली से बचाए!
शुभाकांक्षी
संजीव
दिमाग की नसों को निचोड़-निचोड़ कर जमा किए गए बूँद-बूँद कठ-तर्कों से आप बुद्धीजीवी क्या साबित करना चाह रहे हैं, पता नहीं..!!!
ReplyDeleteकन्फ्यूज़ हैं तो किसी रिक्सा वाले से पूछ लें, जो चार घंटे क्यू में लगकर भी यही कहता है, कि ये एतिहासिक कदम है और इसमें एक्सपेरिमेंट जैसा कुछ नहीं..ये तो इलाज है जो कि शुरू हो चुका है
कुछ अच्छा हो तो इसका समर्थन करना चाहिये।पर आपने ये नहीं लिखा नोट बंद होने का साइड इफेक्ट्स क्या है।बस एक ही न कहेंगे कि पूरा देश लाईन मे है।पर फायदे तो अनंत है आगे आगे देखे होता है क्या।
ReplyDeleteकुछ अच्छा हो तो इसका समर्थन करना चाहिये।पर आपने ये नहीं लिखा नोट बंद होने का साइड इफेक्ट्स क्या है।बस एक ही न कहेंगे कि पूरा देश लाईन मे है।पर फायदे तो अनंत है आगे आगे देखे होता है क्या।
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